किसी ने मुझसे पूछा,
तुम इतनी प्यारी क्यों हो
मैंने कहा
तुम प्यार से बातें करते हो,
इसलिए मैं इतनी प्यारी हूं।।
किसी ने मुझसे पूछा,
तुम इतनी सुंदर क्यों हो?
मैंने कहा
तुम्हारे नेत्र और नज़रिया दोनों सुंदर है,
इसलिए मैं इतनी सुंदर हूं।।
किसी ने मुझसे पूछा,
तुम इतनी भोली क्यों हो?
मैंने कहा तुमने कभी छल से बात नहीं कि
इसलिए मैं इतनी भोली हूं ।।
किसी ने मुझसे पूछा
तुम्हारे अंदर इतनी दया क्यों है ?
मैंने कहा
तुम दया के पात्र हो,
इसलिए मेरे अंदर इतनी दया है।।
किसी ने मुझसे पूछा,
तुम्हारे बातों में इतनी मिठास क्यों है ?
मैंने कहा
तुम अच्छे और सच्चे हो,
इसलिए मेरे बातों में मिठास है ।।
किसी ने मुझसे पूछा,
इतना अच्छा लिखती कैसे हो?
मैंने कहा
तुम्हें मेरा लिखा हुआ अच्छा लगता है,
इसलिए मैं इतना अच्छा लिखती हूं।।
✍️कंगना मिश्रा