Author Archives: kangnamishra01
75TH INDEPENDENCE DAY || ऐ मेरे वतन के लोगों || PATRIOTIC FEELING || BY- KANGNA MISHRA
स्वर्ण पदक पाने वाले के लिए कुछ पंक्तियां
भगवान सा का मान है
किसी ने मुझसे पूछा
किसी ने मुझसे पूछा,तुम इतनी प्यारी क्यों होमैंने कहातुम प्यार से बातें करते हो,इसलिए मैं इतनी प्यारी हूं।। किसी ने मुझसे पूछा,तुम इतनी सुंदर क्यों हो?मैंने कहातुम्हारे नेत्र और नज़रिया दोनों सुंदर है,इसलिए मैं इतनी सुंदर हूं।। किसी ने मुझसे पूछा,तुम इतनी भोली क्यों हो?मैंने कहा तुमने कभी छल से बात नहीं किइसलिए मैं इतनीContinue reading “किसी ने मुझसे पूछा”
क्यों बोझ दे रहे हो
क्यों बोझ दे रहे हो?जिनके हाथों में कलम होनी चाहिए,उनके हाथों में ईंट और हथौड़े है।जिनके हाथों में किताब होनी चाहिए,उनके हाथों में कुछ पैसे और दर्द है।।क्यों बोझ दे रहे हो? जिस उम्र में कोई गम नहीं होना चाहिए,उस उम्र में सिर पर बोझ और थकान है।जिस उम्र में मां -बाप का साया होनाContinue reading “क्यों बोझ दे रहे हो”
कविता
अपने मन के भाव को,कुछ पंक्तियों में सजाती हूं।कविता के सभी बिंदुओं को,ध्यान में रख कविता बनाती हूं।। कविता लिखना कठिन नहीं,मन में भाव होना जरूरी है।कविता कलम और कॉपी,के बिना पूरी अधूरी है ।। कविता पर बच्चे खुश होते हैं,और बड़े अर्थ समझते हैं।कविता और लेखनी जैसी,कला को हम व्यर्थ समझते हैं ।।
तुम पेड़ काटते हो ना!
अरे ! मनुष्य तुम पेड़ काटते हो ना,आज देखो ,इसी ऑक्सीजन के लिए।हम सब मर रहे है,अब महसूस करो इस दर्द को।। गौर से देखो,इतने सालो तक तुमने मारा ।आज ये ऑक्सीजन के लिए,तुम्हें मार रहे हैं ।। यह तो बस कहने की बात है,की ऑक्सीजन नहीं मिल रहा है ।किसी ने यह नहीं सोचा,किसकीContinue reading “तुम पेड़ काटते हो ना!”
पर्यावरण बचाओ
पर्यावरण दिवस आया है,एक नया संदेश लाया है।पर्यावरण में ही पूरा देश समाया है,पर्यावरण बचाओ, पर्यावरण बचाओ।। सब मिलकर आओ पेड़ लगाओ,पेड़ लगाने के लिए जागरूकता फैलाओ।पेड़ लगाने का महत्व समझाओ,पर्यावरण बचाओ, पर्यावरण बचाओ।। ऑक्सीजन के लिए पेड़ लगाओ,इंधन के लिए पेड़ लगाओ।ठंडी हवा और छांव के लिए पेड़ लगाओपर्यावरण बचाओ ,पर्यावरण बचाओ।। धरती कोContinue reading “पर्यावरण बचाओ”
एक ऐसा चेहरा ( सोनू सूद)
एक ऐसा चेहरा सामने आया,जिसने सिनेमा पर्दो पर विलेन।तथा वास्तविक जीवन में हीरो बन,असली हीरो का मतलब बतलाया।। इस कोरोना महामारी में,अपने ईश्वर रूप को बाहर लाया ।सभी गरीबों, असाहयों को,तन – मन-धन से अपनाया ।। सोनू सूद सर ने कहा, सोनू सर ना बोल,सोनू बोल या,भाई बोल।यह शब्द कहकर हम सबके,मन में अपना प्यारContinue reading “एक ऐसा चेहरा ( सोनू सूद)”