क्यों बोझ दे रहे हो

क्यों बोझ दे रहे हो?जिनके हाथों में कलम होनी चाहिए,उनके हाथों में ईंट और हथौड़े है।जिनके हाथों में किताब होनी चाहिए,उनके हाथों में कुछ पैसे और दर्द है।।क्यों बोझ दे रहे हो? जिस उम्र में कोई गम नहीं होना चाहिए,उस उम्र में सिर पर बोझ और थकान है।जिस उम्र में मां -बाप का साया होनाContinue reading “क्यों बोझ दे रहे हो”

कविता

अपने मन के भाव को,कुछ पंक्तियों में सजाती हूं।कविता के सभी बिंदुओं को,ध्यान में रख कविता बनाती हूं।। कविता लिखना कठिन नहीं,मन में भाव होना जरूरी है।कविता कलम और कॉपी,के बिना पूरी अधूरी है ।। कविता पर बच्चे खुश होते हैं,और बड़े अर्थ समझते हैं।कविता और लेखनी जैसी,कला को हम व्यर्थ समझते हैं ।।

एक ऐसा चेहरा ( सोनू सूद)

एक ऐसा चेहरा सामने आया,जिसने सिनेमा पर्दो पर विलेन।तथा वास्तविक जीवन में हीरो बन,असली हीरो का मतलब बतलाया।। इस कोरोना महामारी में,अपने ईश्वर रूप को बाहर लाया ।सभी गरीबों, असाहयों को,तन – मन-धन से अपनाया ।। सोनू सूद सर ने कहा, सोनू सर ना बोल,सोनू बोल या,भाई बोल।यह शब्द कहकर हम सबके,मन में अपना प्यारContinue reading “एक ऐसा चेहरा ( सोनू सूद)”

Design a site like this with WordPress.com
Get started